गुरुवार, 2 सितंबर 2010

एक कहानी

अलबेली सी एक अजानी
नानी क्यों न कहो कहानी

रंग-बिरंगी परियों वाली
नन्ही राजकुमारी प्यारी
या बौनों की दुनिया न्यारी
नानी कह दो एक कहानी

आता होगा चंदा रथ पर
भरे पोटली खुशियाँ लेकर
ले आऊँ थाली में पानी
नानी कह दो एक कहानी

छुपी हुई फूलों में परियां
बिखराएँ हंसी की लड़ियाँ
बगिया में करती मनमानी
कह दो नानी एक कहानी

सपने सजे ,मस्ती भरपूर
और भारी बस्तों से दूर
छू मंतर हो जहाँ उदासी
कह दो नानी एक कहानी

महल सुनहरा सुन्दर प्यारा
देश कहीं दुनिया से न्यारा
खेले तारे आँख मिचौली
कह दो नानी एक कहानी

रविवार, 15 अगस्त 2010

चमत्कारी बापू

अमर हुए इतिहास में बापू

कैसी अलख जगाई थी
क्या चरखे में बात निराली
कैसी सूत बनाई बनाई थी

तुम सत्य अहिंसा के अनुयायी
राम -राज्य के सत्य सिपाही
मग पर गीता के चलकर ही
यह पहचान बनाई थी

वाणी का क्या चमत्कार था
हर बालक ही मन्त्र -मुग्ध था
बढ़ा सैंकड़ो का था रेला
बढ़ा बढ़ाबजब आवाज लगाईं लगाई थी


अमर हुए इतिहास में बापू
कैसी अलख जगाई थी !