गुरुवार, 12 जनवरी 2012

पतंग


खिल रहे रंग
छाई उमंग
मन में तरंग
लाई पतंग
तक धिन धिन ना

                             
झूमती डोर
उठती हिलोर
मन हुआ मोर
हो रहा शोर
अरे !छूटे ना

प्राणों की जंग
सपने पतंग
रहना दबंग
सुन रे! मलंग
कट जाये ना

उठे फिर गिरे
गिरे फिर उठे
सुनो क्या कहे
छूटे टूटे
तो रूठो ना !               

करो एक बार
फिर तेज धार
बन होशियार
करना शिकार
अब चूको ना !

बुधवार, 21 दिसंबर 2011

सांताक्लॉज



नॉर्थपोल का रहने वाला
मैं दुनिया में सबसे आला

नहीं अन्जानी है यह बात
आता सिर्फ क्रिसमस की रात
सांता क्लॉज है मेरा नाम
प्यार बांटना मेरा काम

रुनझुन रुनझुन घंटी बाँधी
चन्द्र किरण की करूँ सवारी
स्लेज कहाये मेरी गाड़ी
लाल सूट है लंबी दाढ़ी


गाँव हमारा बड़ा निराला
माह जून में ऐसा होता
सूर्य चमकता दिन और रात
कहो अनोखी है ना बात



लिये  साथ  चाँद और तारे
आऊंगा मैं हर घर द्वारे
बिस्कुट टॉफी केक खिलौने
रखता बच्चों के सिरहाने

काम करे जो अच्छे सच्चे
मेरी पसंद हैं वे ही बच्चे



merry christmas

thnks to