रविवार, 15 अगस्त 2010

चमत्कारी बापू

अमर हुए इतिहास में बापू

कैसी अलख जगाई थी
क्या चरखे में बात निराली
कैसी सूत बनाई बनाई थी

तुम सत्य अहिंसा के अनुयायी
राम -राज्य के सत्य सिपाही
मग पर गीता के चलकर ही
यह पहचान बनाई थी

वाणी का क्या चमत्कार था
हर बालक ही मन्त्र -मुग्ध था
बढ़ा सैंकड़ो का था रेला
बढ़ा बढ़ाबजब आवाज लगाईं लगाई थी


अमर हुए इतिहास में बापू
कैसी अलख जगाई थी !

रविवार, 25 जुलाई 2010

चंदा

प्यारा उड़नखटोला ले के
चंदा मेरे घर आयेगा
सैर गगन की मुझे कराने
संग अपने ले जायेगा।
बादल से है दौड़ लगाता
तारों से मिल, करे ठिठोली
पास बुलाकर मुझसे कहता
आ खेलेंगे आँख -मिचौली ।
टॉफी,लड्डू , खेल -खिलौने
लाकर मैं उसे दिखाऊंगा
जो देखें हैं सपने मैंने
वो सब उसे सुनाऊंगा ।
मुझ जैसा ही नटखट है वो
दोस्त मेरा बन जायेगा
मन से निर्मल शीतल है जो
प्यार का जादू सिखलाएगा ।
प्यारा उड़न खटोला ले के
चंदा मेरे घर आयेगा !