शनिवार, 10 सितंबर 2011

बया का बच्चा



यह नन्हा सा बया का बच्चा

शायद थोडा अकल का कच्चा

मम्मी ने तो मना किया था

पर इसने कब ध्यान दिया था

नीड़ से मैं बाहर खेलूंगा

ऊँची ऊँची उड़ान भरूँगा

बिन पूछे वो घर से निकला

खेला उस दिन बहुत ही खेला

बैठी वहाँ थी मौसी बिल्ली

मानों उड़ा रही थी खिल्ली

जब नन्हें ने देखा नजारा

घबराकर फिर माँ को पुकारा

जान कहीं यह निकल ही जाती

पास अगर माँ ना आ जाती

पकडे उसने फिर तो कान

माँ की बातों पर दूंगा ध्यान


27 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही बढ़िया।
    -------
    कल 12/09/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  2. वाह! बहुत सुन्दर प्रस्तुति है,भाव विभोर कर दिया आपने,वंदना जी.
    बया भी बिचारी बिल्ली का मुकाबला कैसे कर सकेगी.
    सिवाय खुद उड़ने के.

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  3. सुन्दर बाल कविता .. माँ के पास सबसे सुरक्षित एहसास .

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  4. सचमुच माँ के पास बच्चे हर मुसीबत से दूर रहते हैं... माँ आसपास हो तो बच्चे को कोई खतरा छू ही नहीं सकता...बहुत प्यारी कविता!!!

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  5. सुंदर सा बाल गीत, सुंदर सी सीख देता हुआ।

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  6. बाल-गीत के भोलेपन और शब्द प्रवाह ने मन मोह लिया.निहित संदेश भी बहुत सुंदर है.वाह !!!!!

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  7. माँ की बातों पर ध्यान देनेवाले हमेशा
    खुश रहते है।अच्छी रचना।

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  8. बहुत ही सुन्‍दर संदेश ...मां की बात पर ध्‍यान देने का ।

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  9. सुन्दर बाल गीत... बढ़िया सीख...
    सादर...

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  10. आपको अग्रिम हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. हमारी "मातृ भाषा" का दिन है तो आज से हम संकल्प करें की हम हमेशा इसकी मान रखेंगें...
    आप भी मेरे ब्लाग पर आये और मुझे अपने ब्लागर साथी बनने का मौका दे मुझे ज्वाइन करके या फालो करके आप निचे लिंक में क्लिक करके मेरे ब्लाग्स में पहुच जायेंगे जरुर आये और मेरे रचना पर अपने स्नेह जरुर दर्शाए...
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  11. बच्चों के लिए दिलचस्प कविता. आभार.

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  12. आपकी कविता मुझे बहुत रोचक लगी ..आपने अपने ब्लॉग के नाम के अनुरूप रंग बिरंगी कविता बहुत दिल से लिखी है ,मेरा पाँच साल का बेटा कान्हा को यह कविता जरूर सुनाना चाहूंगी , इंतजार रहेगा ऐसी ही और रचनाओ का ।

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  13. शिक्षा प्रद बाल कविता ! सुन्दर

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  14. बहुत भावपूर्ण एवं मार्मिक प्रस्तुति ! बहुत सुन्दर

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  15. सुंदर सन्देश देती प्यारी रचना. बधाई.

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  16. आपको मेरी तरफ से नवरात्री की ढेरों शुभकामनाएं.. माता सबों को खुश और आबाद रखे..
    जय माता दी..

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  17. बच्चों के लिये सुन्दर शिक्षा देती कविता ।

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  18. बहुत ही मासूम कविता, बालमन सी।
    दशहरे की थाने घणी घणी बधाई।

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  19. वाह! बाल गीत लेखन में आपका योगदान ध्यान देने योग्य है।

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  20. bahut badhiya...aapki ye kavitayin padh kar apni beti ko sunata hoon....wo bahut kush hoti hai...

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