सोमवार, 3 दिसंबर 2012

गोलगप्पे वाला



छोटा सा गोल-गप्पे वाला  
काम है देखो बड़ा निराला


नन्हीं नन्हीं पूरी बनाकर
कद्दू सा फिर उन्हें फुलाकर
भरे वो खट्टा मीठा पानी
मिर्च लगे तो दे गुडधानी

सुना है रोज वो जाता स्कूल
कभी होम वर्क गया जो भूल
लेकिन देखी उसकी मेहनत
साथी सब करते हैं इज्जत

माना मंजिल थोड़ी दूर
काम लगन से करे भरपूर
दोहरा रहा है वह यह रीत
परिश्रम की होती है जीत 

20 टिप्‍पणियां:

  1. देखो देखो आया है, मनभावन गोलगप्पे वाला ।
    खट्टा-मीठा स्वाद चखाता, है इसका अंदाज निराला ।।

    आपकी इस उत्कृष्ट पोस्ट की चर्चा बुधवार (05-12-12) के चर्चा मंच पर भी है | जरूर पधारें |
    सूचनार्थ |

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  2. सुंदर बाला गीत...

    गोलगप्पे चार खा ले
    जायका मुँह का बना ले
    मूड होगा फ्रेश तेरा
    बात मेरी आजमा ले ||


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  3. बहुत पसंद आयी गोलगप्पे वाली कविता ...मुझे क्या लगभग सभी महिलाओं और लड़कियों और बच्चों को यह खूब भाते हैं ..अब तो शादी ब्याह में भी खाने को खूब मिल रहे हैं ...

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  4. बच्चों के लिए बेहद उपयोगी सामग्री ..इस प्रकार साहित्य में आपका योगदान कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है।।।

    बहुत बढ़िया प्रस्तुती।।।। निरंतर लिखते रहिये....शुभकामनाएँ

    अच्छे साहित्य सृजन के लिए बधाई एवं धन्यवाद

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  5. गोलगप्पा वाह ........... मुंह में पानी ...........
    माना मंजिल थोड़ी दूर
    काम लगन से करे भरपूर
    दोहरा रहा है वह यह रीत
    परिश्रम की होती है जीत
    एक अच्छी सीख !!

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  6. गोलगप्पे की याद दिला दी..कई महीनों से खा नहीं रहा हूं...सही मायने में सिर्फ टेस्ट कर रहा हूं..दरअसल जबतक उसके साथ का पानी तीखा..खट्टा न हो मजा नहीं आता..औऱ मुश्किल ये है कि आजकल या तो तीखा पानी मिलता है...या फिर स्वाद रहित..इसलिए कई जगह. कई महीनों से सिर्फ चख रहा हूं गोलगप्पा...खा नहीं रहा हूं...एकदम सही कह रहा हूं मैं

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  7. सुंदर..मासूम सी प्रस्तुति बिल्कुल तितली की तरह:)

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  8. बढ़िया थौट!
    अंत में परिश्रम की ही जीत होती है।

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  9. नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें!

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  10. बहुत सुन्दर और प्रेरक रचना, बधाई.

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  11. सुंदर बालगीत लेकिन पानी तो हमारे मुँह में भी आ गया.

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  12. बचपन में गोल-गप्पे खा कर सी-सी करते हुए भी और-और की रट लगाना ...सब जैसे कल की ही बात हो ...बहुत सुंदर रचना ....प्रेरनादायक भी
    अपने ब्लॉग का पता छोड़ रही हूँ ...एक नजर डालेगीं तो मुझे ख़ुशी होगी ..आपका स्वागत है
    http://shikhagupta83.blogspot.in/

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  13. बहुत उम्दा .सुन्दर अभिव्यक्ति.

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  14. आपकी यह रचना दिनांक 07.06.2013 को http://blogprasaran.blogspot.in/ पर लिंक की गयी है। कृपया इसे देखें और अपने सुझाव दें।

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