शनिवार, 10 अगस्त 2013

इक पेड़ लगा दो

माँ तुम अब के सावन की रुत

आँगन में इक पेड़ लगा दो

नहीं चाहता खेल खिलौने

बस छोटा सा पेड़ लगा दो


शोर मचाते मोटर बन्दर

अब नहीं जीतते मेरा मन

मशीनगन का नहीं फायदा

टैंकों ने कब जीते दुश्मन

बैठे जिस पर चिड़िया चुनमुन

ऐसा सुन्दर पेड़  लगा दो



हरा रंग सबको हर्षाये

खिले फूल राही ललचाये

खुशबू अपने आँगन फैले

ठंडी छाया सब सुख पायें

कभी न झगड़ा करने वाला


इक प्यारा सा दोस्त बना दो 

15 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर बाल गीत ... इतना कुछ मिल जाए तो बच्चे तो सचमुच खिल उठेंगे ..

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  2. कल 12/08/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद!

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  3. सार्थक संदेश देता सुंदर बाल गीत.

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  4. बैठे जिस पर चिड़िया चुनमुन
    ऐसा सुन्दर पेड़ लगा दो ...
    बहुत सुन्दर ....अच्छी सीख
    भ्रमर ५

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  5. हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {चर्चामंच} के शुभारंभ पर आप को आमंत्रित किया जाता है। कृपया पधारें आपके विचार मेरे लिए "अमोल" होंगें | आपके नकारत्मक व सकारत्मक विचारों का स्वागत किया जायेगा |

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  6. सुंदर रचना..प्रेरणादायी।।।

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  7. सुंदर रचना
    http://sowaty.blogspot.in/2013/10/5-choka.html

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