प्यारा उड़नखटोला ले के
चंदा मेरे घर आयेगा
सैर गगन की मुझे कराने
संग अपने ले जायेगा।
बादल से है दौड़ लगाता
तारों से मिल, करे ठिठोली
पास बुलाकर मुझसे कहता
आ खेलेंगे आँख -मिचौली ।
टॉफी,लड्डू , खेल -खिलौने
लाकर मैं उसे दिखाऊंगा
जो देखें हैं सपने मैंने
वो सब उसे सुनाऊंगा ।
मुझ जैसा ही नटखट है वो
दोस्त मेरा बन जायेगा
मन से निर्मल शीतल है जो
प्यार का जादू सिखलाएगा ।
प्यारा उड़न खटोला ले के
चंदा मेरे घर आयेगा !
रविवार, 25 जुलाई 2010
शुक्रवार, 23 जुलाई 2010
ऊँट और पहाड़
आया ऊँट पहाड़ के नीचे
घूम के देखा आगे-पीछे
देखी पर्वत की ऊँचाई
ऊँट रह गया बस दम खींचे
उफ़ ! तौबा यह बहुत बड़ा है
कैसे सीधा अकड़ खड़ा है
कोई इसको झुका न पाए
इसी वजह से तना पड़ा है
तभी दिखा पौधा नन्हा सा
गिरि-शिखर पर इतराता था
ऊंचा होकर पर्वत से वो
मस्त झूमता लहराता था
फिर तो उसने जुगत भिड़ाई
चढ़ पहाड़ फोटो खिंचवाई
हिम्मत से क़द बढ़ जाता है
बात पते की उसने पाई
घूम के देखा आगे-पीछे
देखी पर्वत की ऊँचाई
ऊँट रह गया बस दम खींचे
उफ़ ! तौबा यह बहुत बड़ा है
कैसे सीधा अकड़ खड़ा है
कोई इसको झुका न पाए
इसी वजह से तना पड़ा है
तभी दिखा पौधा नन्हा सा
गिरि-शिखर पर इतराता था
ऊंचा होकर पर्वत से वो
मस्त झूमता लहराता था
फिर तो उसने जुगत भिड़ाई
चढ़ पहाड़ फोटो खिंचवाई
हिम्मत से क़द बढ़ जाता है
बात पते की उसने पाई
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